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NCERT Solutions for Class 10th Hindi Chapter 14 : गिरगिट (Course B)

CBSE NCERT Solutions for Class 10th Hindi Chapter 14 – Girgit by Anton Chekov – Sparsh II (Hindi Course B). पाठ 14- गिरगिट, लेखक -अंतोन चेखव | स्पर्श भाग-2 हिंदी . Class X Hindi Course B Chapter 14 NCERT Solutions And Paragraph Wise Meanings (भावार्थ) – Girgit by Anton Chekov – Sparsh II.


भावार्थ :

सारांश

यह पाठ समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक व्यंग्य है। यह एक पुलिस इंस्पेक्टर द्वारा बताता है की व्यक्ति किस तरह अपने पद का दुरूपयोग अपने स्वार्थ के लिए करता है।

इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव नया ओवरकोट पहने हाथ में बंडल लिए बाज़ार के चौराहे से गुजरा। उसके पीछे लाल बालोंवाला एक सिपाही हाथों में झरबेरी की टोकरियाँ लिए चला आ रहा था। चारों ओर खामोशी थी। दुकानों के दरवाजे खुले थे परन्तु उनके आसपास कोई नहीं दिख रहा था।

तभी अचानक ओचुमेलॉव के कानों में एक आवाज़ गूँजी – ‘तो तू काटेगा? तू? शैतान कहीं का! ओ छोकरों! इसे मत जाने दो। पकड़ लो इस कुत्ते को। उसके बाद उसे कुत्ते की किकियाने की आवाज़ सुनाई दी। ओचुमेलॉव उस आवाज़ की दिशा में घुमा और पाया कि एक व्यापारी पिचुगिन के काठगोदाम में से एक कुत्ता तीन टाँगों के बल पर रेंगता चला आ रहा है। उसके पीछे एक व्यक्ति दौड़ रहा था। वह कुत्ते की टांगें पकड़कर फिर चीखा – ‘मत जाने दो।’ आवाज़ सुनकर भीड़ काठगोदाम घेरकर खड़ी हो गयी। ओचुमेलॉव भी मुड़कर भीड़ की तरफ चल दिया।

वहाँ एक बिना बटन वास्केट पहने आदमी अपना दायाँ हाथ उठाये मौजूद था और उपस्थित लोगों को उंगलियाँ दिखा रहा था। ओचुमेलॉव ने व्यक्ति को देखते पहचान लिया। वह ख्यूक्रिन नामक सुनार था। वहीँ पास में पड़ा एक सफ़ेद बाराजोई पिल्ला ऊपर से नीचे तक काँप रहा था। भीड़ को चीरते हुए ओचुमेलॉव ने पूछा – यह सब क्या हो रहा है? तुम सब लोग इधर क्या कर रहे हो?  ऊँगली ऊपर क्यों उठा रखी है? चिल्ला कौन रहा था? इन सवालों के जवाब में ख्यूक्रिन ने खाँसते हुए कहा की जब मैं मित्री मित्रिच से लकड़ी लेकर कुछ काम निपटाने के लिए चुपचाप चला जा रहा था तब इस कुत्ते ने अकारण मेरी ऊँगली काट खाई। चूँकि मेरा काम पेचीदा है और मुझे लगता है अब एक हफ्ते तक मेरी ऊँगली काम नहीं कर पाएगी इसलिए हुजूर मुझे इस कुत्ते के मालिक से हरजाना दिलवाया जाए। यह किसी कानून में नही लिखा की आदमखोर जानवर हमें काट खायें और हम इन्हें छोड़ते रहें।

ओचुमेलॉव ने अपना गला खँखारते हुए बोला की ठीक है बताओ यह कुत्ता किसका है। मैं इस मामले को छोड़ने वाला नही हूँ। इस तरह अपने कुत्ते को आवारा छोड़ने वाले मालिक को मैं मजा चखा कर रहूँगा। उसने सिपाही की तरफ मुड़कर कहा – येल्दीरीन पता लगाओ यह कुत्ता किसका है और पूरी रिपोर्ट तैयार करो। इस कुत्ते को मार दो। तभी भीड़ से एक आवाज़ आई शायद यह कुत्ता जनरल झिगालॉव का है।

जनरल झिगालॉव का नाम सुनते ही ओचुमेलॉव को गर्मी लगने लगती है और वह कोट उतारने लगता है। वह ख्यूक्रिन की तरफ मुड़कर कहता है की मुझे समझ नहीं आ रहा की इतना छोटा जानवर तेरी ऊँगली तक पहुँचकर काट कैसे सकता है। जरूर तेरे ऊँगली में कील गड गई होगी और तू यह दोष इस कुत्ते पर मढ़कर अपना फयदा सोच रहा है। जरूर इसने ही कुत्ते के साथ शरारत की होगी। सिपाही येल्दीरीन भी ओचुमेलॉव की बातों में हाँ मिलाते हुए ख्यूक्रिन को शरारती बताता है। ख्यूक्रिन भी कहता है की उसका एक भाई पुलिस में है।

थोड़ी देर में सिपाही कहता है की यह कुत्ता जनरल साहब को नहीं हो सकता क्योंकि उनके सभी कुत्ते पोंटर हैं। ओचुमेलॉव भी कहता है की जनरल साहब के सभी कुत्ते महँगे और अच्छी नस्ल के हैं। यह मरियल सा कुत्ता उनका नहीं हो सकता। इसे सबक सिखाना जरूरी है। सिपाही गंभीरता से सोचते हुए फिर कहता है ऐसा कुत्ता कल ही मैंने जनरल साहब के आँगन में देखा था शायद यह कुत्ता उन्हीं का हो। भीड़ में से भी आवाज़ आती है यह कुत्ता जनरल साहब का ही है। अब ओचुमेलॉव को ठंड लगने लगती है और  वह सिपाही को कोट पहनाने में मदद करने बोलता है। वह बोलता है जनरल साहब के पास ले जाकर पता लगाओ की यह कुत्ता उनका है और उनसे कहना मैंने इसे उनके पास भेजा है। इस तरह इस नाजुक प्राणी को बाहर ना छोड़ें नहीं तो गुंडे-बदमाशों के हाथों यह तबाह हो जाएगा। वह ख्यूक्रिन को भद्दा प्राणी कहते हुए उसे ऊँगली नीचे करने को कहता है।

तभी उधर से जनरल साहब को बावर्ची प्रोखोर आता दिखता है। ओचुमेलॉव उसे आवाज़ देकर बुलाता है और पूछता है की कुत्ता जनरल साहब का है? बावर्ची कहता है की ऐसा कुत्ता उसने कई जिंदगियों में नहीं देखा। तभी ओचुमेलॉव कहता है की मैंने तो पहले ही कहा था इस आवारा कुत्ते को मार दिया जाए। बावर्ची फिर कहता है की यह कुत्ता जनरल साहब का तो नहीं परन्तु उनके भाई है जो अभी यहाँ पधार हैं। उन्हें ‘बारजोयस’ नस्ल के कुत्ते पसंद हैं। ओचुमेलॉव ने अपने चेहरे पर ख़ुशी समेटते हुए कहा की जनरल साहब के भाई वाल्दीमीर इवानिच पधारे हैं और मुझे पता तक नहीं। कितना सुन्दर डॉगी है। बहुत खूबसूरत पिल्ला है। प्रोखोर कुत्ते को संभालकर काठगोदाम से बाहर चला गया। भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँस दी। ओचुमेलॉव ने उसे धमकाकर अपने रास्ते चल दिया।

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लेखक परिचय

अंतोन चेखव

इनका जन्म दक्षिणी रूस के तगनोर नगर में 1860 में हुआ था। इन्होनें शिक्षा काल से ही कहानियाँ लिखना आरम्भ कर दिया था। उन्नीसवीं सदी का नौवाँ दशक रूस के लिए कठिन समय था। तह वह समय था जब आज़ाद ख्याल होने से ही लोग शासन के दमन का करते थे। ऐसे समय में चेखव ने उन मौकापरस्त लोगों को बेनकाब करती कहानियाँ लिखीं जिनके लिए पैसा और पद ही सब कुछ था।

प्रमुख कार्य

कहानियाँ – गिरगिट, क्लर्क की मौत, वान्का, तितली, एक कलाकार की कहानी, घोंघा, ईओनिज, रोमांस, दुलहन।
नाटक – वाल्या मामा, तीन बहनें, सीगल और चेरी का बगीचा।

कठिन शब्दों के अर्थ

• जब्त – कब्ज़ा करना
• झरबेरियाँ – बेर की एक किस्म
• किकियाना – कष्ट में होने पर कुत्ते द्वारा की जाने वाली आवाज़
• काठगोदाम – लकड़ी का गोदाम
• कलफ़ – मांड लगाया गया कपड़ा
• बारजोयस – कुत्ते की एक प्रजाति
• पेचीदा – कठिन
• गुज़ारिश – प्रार्थना
• हरज़ाना – नुक्सान के बदले में दी जाने वाली रकम
• बरदाश्त – सहना
• खँखारते – खाँसते हुए
• त्योरियाँ – भौंहें चढ़ाना
• विवरण – ब्योरा देना
• भद्दा – कुरूप
• नस्ल – जाति
• आल्हाद – ख़ुशी


प्रश्नोत्तरी :

पृष्ठ संख्या: 105
प्रश्न अभ्यास 
मौखिक 
निम्लिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए –
1. काठगोदाम के पास भीड़ क्यों इकट्ठी हो गई थी?

उत्तर

ख्यूक्रिन नामक एक सुनार को कुत्ते ने काट लिया। उसने गिरते-पड़ते कुत्ते की टांग को पकड़ा और चीखा “मत जाने दो” उसके चीखने की आवाज़ सुनकर भीड़ इकट्ठी हो गई।

2. उँगली ठीक न होने की स्थिति में ख्यूक्रिन का नुकसान क्यों होता?

उत्तर

ख्यूक्रिन का काम पेचीदा था। बिना उँगुली के कोई काम नहीं हो पाता और इससे उसका नुकसान होता।

3. कुत्ता क्यों किकिया रहा था?

उत्तर

ख्यूक्रिन ने कुत्ते की टांग पकड़ ली थी और वह उसे घसीट रहा था इसलिए कुत्ता किकिया रहा था।

4. बाज़ार के चौराहे पर खामोशी क्यों थी?

उत्तर

बाजार के चौराहे पर ख़ामोशी इसलिए थी क्योंकि उस रास्ते एक भ्रष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव गुजर रहा था जो की जबरन वसूली करने के लिए प्रसिद्ध था।

5. जनरल साहब के बावर्ची ने कुत्ते के बारे में क्या बताया?

उत्तर

बावर्ची ने कुत्ते के बारे में बताया कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है।

लिखित

(क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए –

1. ख्यूक्रिन ने मुआवज़ा पाने की क्या दलील दी?

उत्तर

ख्यूक्रिन ने मुआवज़ा पाने के लिए स्वयं को कामकाज़ी बताते हुए दलील दी कि उसका काम पेचीदा है। हफ़्ते भर तक वह काम नहीं कर पाएगा, उसका नुकसान होगा। इसलिए कुत्ते के मालिक से उसे हरज़ाना दिलवाया जाए।

2. ख्यूक्रिन ने ओचुमेलॉव को उँगली ऊपर उठाने का क्या कारण बताया?

उत्तर

ख्यूक्रिन ने ओचुमेलॉव को उँगली उठाने का कारण बताया कि वह लकड़ी लेकर अपना कुछ काम निपटा रहा था तब अचानक एक पिल्ले ने आकर उसकी उँगली काट ली।

3. येल्दीरीन ने ख्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए क्या कहा?

उत्तर

येल्दीरीन ने ख्यूक्रिन को दोषी ठहराते हुए कहा कि यह शैतान किस्म का व्यक्ति है। जरूर इसी ने जलती सिगरेट कुत्ते की नाक में  डाली होगी, बिना कारण कुत्ता किसी को काटता नहीं है।

4. ओचुमेलॉव ने जनरल साहब के पास यह संदेश क्यों भिजवाया होगा कि ‘उनसे कहना कि यह मुझे मिला और मैंने इसे वापस उनके पास भेजा है’?

उत्तर

ओचुमेलॉव एक चापलूस किस्म का सिपाही था। उसने यह संदेश भिजवाया ताकि वह जनरल साहब को खुश कर सके, वे उसे एक बेहतर इंस्पेक्टर माने और साथ ही वह यह भी बताना चाहता था कि उसे जनरल साहब और उनके कुत्ते का कितना ख्याल है।

5. भीड़ ख्यूक्रिन पर क्यों हँसने लगती है?

उत्तर

भीड़ ख्यूक्रिन की हालत पर हँसने लगती है क्योंकि वह मुआवजे की बात कर रहा था पर यहाँ इंस्पेक्टर ओचुमेलॉव उसे डरा धमकाकर भगाने का प्रयास  कर रहा था। साथ ही ओचुमेलॉव की पल-पल रंग बदल रहा था।

(ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए –

1. किसी कील-वील से उँगली छील ली होगी−ऐसा ओचुमेलॉव ने क्यों कहा?

उत्तर

ओचुमेलॉव चापलूस सिपाही है। जब ख्यूक्रिन की उँगली कटती है तो कुत्ते के मालिक को भला बुरा कहता है, उसे मज़ा चखाने तक की बात करता है परन्तु जैसे ही उसे पता चलता है कुत्ता जनरल साहब या उनके भाई का है। वह एकदम बदल गया और ख्यूक्रिन को ही दोषी ठहराने लगा कि किसी कील-वील से उँगली छील ली होगी और इल्ज़ाम कुत्ते पर लगा रहा है। ऐसा कहकर अपने अफसरों को खुश करने का तथ्य सामने आता है।

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2. ओचुमेलॉव के चरित्र की विशेषताओं को अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर

ओचुमेलाव अत्यंत भ्रष्टाचारी, चालाक, स्वार्थी, मौकापरस्त, दोहरे व्यक्तित्व, चापलूस और अस्थिर प्रकृति का व्यक्ति है। वह अवसर वादी भी है। दुकानदारों से जबरन चीज़ें ऐठता है। कर्त्तव्य निष्ठ नहीं है फिर भी लोगों पर रोब डालता है। अपने लाभ के लिए किसी के साथ भी अन्याय कर सकता है। अपने पद का लाभ उठाने के लिए वह ख्यूक्रिन पर दोष लगाता है और कुत्ते को ज़बरदस्ती जनरल साहब के घर भिजवाता है।

पृष्ठ संख्या: 106

3. यह जानने के बाद कि कुत्ता जनरल साहब के भाई का है−ओचुमेलॉव के विचारों में क्या परिवर्तन आया और क्यों?

उत्तर

ओचुमेलॉव पहले तो कुत्ते को मरियल, आवारा, भद्दा कहता है और गोली मारने की बात करता है परन्तु जैसे ही उसे पता चलता है कि यह जनरल साहब के भाई का है – उसके व्यवहार में परिवर्तन आ जाता है। वह उसे वह ‘सुंदर डॉगी’ लगने लगता है। वह उस ‘खूबसूरत नन्हे पिल्ले’ को जनरल साहब तक पहुँचाने के लिए कहने लगा। उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह जानता था कि यह खबर जनरल साहब तक पहुँचेगी और वे खुश होंगे।

4. ख्यूक्रिन का यह कहना कि ‘मेरा एक भाई भी पुलिस में है…..।’ समाज की किस वास्तविकता की ओर संकेत करता है?

उत्तर

ख्यूक्रिन का यह कथन कि ‘मेरा एक भाई भी पुलिस में है’ यह बतलाता है कि अगर आपके परिचित किसी उच्चे पद पर कार्यरत हों तो आप अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रख सकते हैं। ये समाज में पहले जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली लोकक्ति की ओर संकेत करता है। जान-पहचान के बल पर किस तरह लाभ उठाया जा सकता है। इसलिए इस कथन को कहकर इंस्पेक्टर पर वो अपना प्रभाव जमाना चाहता है।

5. इस कहानी का शीर्षक गिरगिट क्यों रखा होगा? क्या आप इस कहानी के लिए कोई अन्य शीर्षक सुझा सकते हैं? अपने शीर्षक का आधार भी स्पष्ट कीजिए?

उत्तर

इस कहानी का शीर्षक गिरगिट रखा गया है क्योंकि गिरगिट समय के अनुसार अपने को बचाने के लिए रंग बदल लेता है। उसी प्रकार इंस्पेक्टर भी मौका परस्त है। पहले तो कुत्ते को भला बुरा कहता है, गोली मारने की बात करता है परन्तु जनरल के भाई के कुत्ते होने का पता लगते ही वह बदल जाता है। वह मरियल कुत्ता सुन्दर डॉगी हो जाता है और ख्यूक्रिन को बुरा भला कहने लगता है।

इसका नाम चापलूसी आदि भी रखा जा सकता है।

6. गिरगिट कहानी के माध्यम से समाज की किन विसंगतियों पर व्यंग्य किया गया है? क्या आप ऐसी विसगतियाँ अपने समाज में भी देखते हैं? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर

गिरगिट कहानी के माध्यम से समाज की विसंगतियों जैसे भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, भाई-भतीजावाद, अवसरवादिता आदि पर व्यंग्य किया गया है। लोग सच्चाई का साथ ना देकर उच्चे पद पर आसीन लोगों  चापलूसी करते हैं। पूरी शासन व्यवस्था पक्षपात पर टिकी है। आदर्शों पर चलने वाला व्यक्ति मुसीबतें झेलता है।

ऐसी विसगतियाँ हम अपने समाज में भी देखते हैं। समचार पत्रों और न्यूज़ चैनलों में इसी तरह की खबरें छायी रहती हैं जहाँ लोग अवसरवादिता को सच्चाई से ज्यादा महत्व देते हैं।

(ग) निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए –

1. उसकी आँसुओं से सनी आँखों में संकट और आतंक की गहरी छाप थी।

उत्तर

ख्यूक्रिन ने कुत्ते को बुरी तरह पिता और घसीटा था जिससे वह बहुत डरा और घबराया हुआ था। उसकी आँखों आंसू टपक रहे थे जिससे साफ़ पता चलता था की वह ख्यूक्रिन का आतंक उसमे समाया हुआ है।

2. कानून सम्मत तो यही है….. कि सब लोग अब बराबर हैं।
उत्तर 

ख्यूक्रिन एक आम आदमी था। जब यह पता चला कि यह कुत्ता जनरल का है तो वह कानून की दुहाई देने लगा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। गरीब और अमीर सबके लिए बराबर होना चाहिए तथा सबको न्याय मिलना चाहिए।

3. हुज़ूर ! यह तो जनशांति भंग हो जाने जैसा कुछ दिख रहा है।

उत्तर

बाज़ार में सन्नाटा छाया हुआ था। ख्यूक्रिन के चीखने पर भीड़ इकट्ठी हो गई। ऐसा लग रहा था मानो कोई दंगा हो गया है। इस स्थिति को निपटाने के लिए चापलूस सिपाही ने इंस्पेक्टर से कहा कि जैसे जनशांति भंग होती है उसी तरह उस समय शांति भंग होती दिखाई दे रही थी।

भाषा अध्यन

1. नीचे दिए गए वाक्यों में उचित विराम-चिह्न लगाइए −

(क) माँ ने पूछा बच्चों कहाँ जा रहे हो
(ख) घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था
(ग) हाय राम यह क्या हो गया
(घ) रीना सुहेल कविता और शेखर खेल रहे थे
(ङ) सिपाही ने कहा ठहर तुझे अभी मजा चखाता हूँ

उत्तर

(क) माँ ने पूछा “बच्चों कहाँ जा रहे हो।”
(ख) घर के बाहर सारा सामान बिखरा पड़ा था।
(ग) हाय राम! यह क्या हो गया।
(घ) रीना, सुहेल, कविता और शेखर खेल रहे थे।
(ङ) सिपाही ने कहा ‘ठहर तुझे अभी मज़ा चखाता हूँ।’

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2. ही, भी, तो, तक आदि निपातों का प्रयोग करते हुए पाँच वाक्य बनाइए।

उत्तर

ही − तुम ही सिर्फ़ वहाँ जाना।
भी − आप भी हमारे साथ चलिए।
तो − मैनें तो पहले ही इसकी सूचना दे दी थी।
तक − रात तक वह वहाँ रहा।

3. पाठ में आए मुहावरों में से पाँच मुहावरे छाँटकर उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।

उत्तर

1. ज़मीन फाड़कर निकल आना − अभी तक वहाँ कोई नहीं था। अचानक सब लोग इकट्ठे हो गए मानो ज़मीन फाड़कर निकल आए हो।
2. घेरकर खड़े होना − अभिनेता को लोग घेर कर खड़े हो गए।
3. ज़िंदगी नरक होना − उसका सब कुछ खत्म हो गया और उसकी ज़िंदगी नरक हो गई।
4. मत्थे मढ़ देना − सिपाही ने सारा दोष मोहन के मत्थे मढ़ दिया।
5. मज़ा चखाना − वह बहुत अकड़ रहा था सबने उसे अच्छा मज़ा चखाया।

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4. नीचे दिए गए शब्दों में उचित उपसर्ग लगाकर शब्द बनाइए −

(क) …………….. + भाव = ……………..
(ख) …………….. + पसंद = ……………..
(ग) …………….. + धारण = ……………..
(घ) …………….. + उपस्थित = ……………..
(ङ) …………….. + लायक = ……………..
(च) …………….. + विश्वास = ……………..
(छ) …………….. + परवाह = ……………..
(ज) …………….. + कारण = ……………..

उत्तर

(क) दुर् + भाव = दुर्भाव
(ख) ना + पसंद = नापसंद
(ग) सा + घारण = साधारण
(घ) अनु + उपस्थित = अनुपस्थित
(ङ) ना + लायक = नालायक
(च) + विश्वास = अविश्वास
(छ) ला + परवाह = लापरवाह
(ज) + कारण = अकारण

5. नीचे दिए गए शब्दों में उचित प्रत्यय लगाकर शब्द बनाइए −

मदद + …………….. = ……………..
बुद्धि + …………….. = ……………..
गंभीर + …………….. = ……………..
सभ्य + …………….. = ……………..
ठंड + …………….. = ……………..
प्रदर्शन + …………….. = ……………..

उत्तर

मदद + गार = मद्दगार
बुद्धि + मान = बुद्धिमान
गंभीर + ता = गंभीरता
सभ्य + ता = सभ्यता
ठंड + = ठंडा
प्रदर्शन + कारी = प्रदर्शनकारी

6. नीचे दिए गए वाक्यों के रेखांकित पदबंध का प्रकार बताइए −
(क) दुकानों में ऊँघते हुए चेहरे बाहर झाँके।
(ख) लाल बालोंवाला एक सिपाही चला आ रहा था।
(ग) यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारत करता रहता है।
(घ) एक कुत्ता तीन टाँगों के बल रेंगता चला आ रहा है।

उत्तर

(क) दुकानों में ऊँघते हुए चेहरे बाहर झाँके। संज्ञा पदबंध
(ख) लाल बालोंवाला एक सिपाही चला आ रहा था। विशेषण पदबंध
(ग) यह ख्यूक्रिन हमेशा कोई न कोई शरारात करता रहता है। संज्ञा पदबंध
(घ) एक कुत्ता तीन टाँगों के बल रेंगता चला आ रहा है। क्रिया पदबंध

7. आपके मोहल्ले में लावारिस/आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज़्यादा हो गई है जिससे आने-जाने वाले लोगों को असुविधा होती है। अत: लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम अधिकारी को एक पत्र लिखिए।

उत्तर 

पताः ………………..
दिनांकः …………….

सेवा में,
नगर निगम अधिकारी,
क.ख.ग. ।
विषयः  आवारा कुत्तों के कारण उपजी समस्या को दर्शाने हेतु पत्र।
माननीय महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके क्षेत्र क.ख.ग. मोहल्ले का निवासी हूँ।  हमारे इस क्षेत्र में आवारा कुत्तों की आबादी बहुत बढ़ गई है। ये यहाँ-वहाँ समूह बनाकर घूमते रहते हैं। आने-जाने वाले लोग इनके कारण बहुत परेशान है। ये राह चलते लोगों को काट लेते हैं या उन पर अचानक भौंकने लगते है। इस कारण से कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यहाँ के लोगों का जीवन इनके कारण अस्त-व्यस्त हो गया है। आए दिन कुत्तों द्वारा काटने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। हमने इस विषय में कई बार आपके विभाग को सूचित किया है। परन्तु उनकी ओर से इस विषय पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला है। अतः हारकर हम आपको पत्र लिखकर रहे हैं।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि उक्त समस्या के निदान के लिए तुरंत उचित कदम उठाने की कृपा करें। हम सारे क्षेत्रवासी आपके आभारी रहेंगे।
धन्यवाद
भवदीय
क.ख.ग.

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